
जय ओंकार भिलाला समाज संगठन
सशक्तिकरण • सहयोग • स्वाभिमान
Mission (हमारा ध्येय)
शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों तक हर परिवार की पहुंच।
समुदाय की एकजुटता।
लोक कला, भाषा एवं परंपराओं का संरक्षण।
वनाधिकार, भूमि अधिकार एवं संवैधानिक हकों की रक्षा।
Vision (हमारी दृष्टि)
एक ऐसा सशक्त, शिक्षित और आत्मनिर्भर भिलाला समाज जो अपनी समृद्ध संस्कृति एवं परंपराओं को संजोते हुए मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक अपनी पहचान बनाए






हमारी पहचान
हमारी विरासत, हमारे नायक
बिरसा मुंडा
भगवान बिरसा मुंडा आदिवासी समाज के महान समाज सुधारक और जननायक थे। उन्होंने मुंडा समाज में जागरूकता, एकता और आत्मसम्मान की भावना जगाई। उन्होंने पारंपरिक संस्कृति और आदिवासी पहचान को मजबूत करने का प्रयास किया। उनका उलगुलान आंदोलन केवल अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष नहीं, बल्कि आदिवासी अधिकारों और अपनी भूमि पर स्वामित्व की लड़ाई भी था। आज वे आदिवासी अस्मिता और सामाजिक जागरण के प्रतीक हैं।
टंट्या भील
टंट्या भील मध्य भारत के प्रसिद्ध भील जननायक थे, जिन्हें प्रेम और सम्मान से टंट्या मामा कहा जाता है। वे गरीबों और शोषितों के बीच अपनी मदद और न्यायप्रियता के लिए प्रसिद्ध थे। उन्होंने अंग्रेजी शासन और स्थानीय शोषणकारी व्यवस्था का विरोध किया। जंगल और पहाड़ों को अपना कार्यक्षेत्र बनाकर उन्होंने लंबे समय तक संघर्ष किया। लोककथाओं में उनकी बहादुरी और जनसेवा आज भी जीवित है। वे भील समाज के साहस, स्वाभिमान और लोकनायकत्व के प्रतीक हैं।
रघुनाथ सिंह मण्डलोई
रघुनाथ सिंह मंडलोई निमाड क्षेत्र के वीर आदिवासी क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी थे। 8 अक्टूबर 1858 को बड़ौद, बड़वानी में जन्मे उन्होंने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष में सक्रिय भूमिका निभाई। अपने साथियों के साथ उन्होंने अंग्रेजों का बहादुरी से सामना किया। विश्वासघात के कारण उन्हें बंदी बनाया गया और अंततः जेल में उनका निधन हुआ। उनका जीवन साहस, संघर्ष और मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक है।
हमारे सेवा कार्य एवं अभियान
Areas where we work






शिक्षा
Education
संस्कृति संरक्षण
Culture
स्वास्थ्य शिविर
Health






सशक्तिकरण
Empowerment
सहयोग
Cooperation
सेवा
service